पासिंग माफिया का बड़ा खुलासा: 50 मोबाइल नंबर रडार पर, मास्टरमाइंड की तलाश तेज

भागलपुर | भागलपुर

रेंज में बालू, गिट्टी और छरी से जुड़े ओवरलोड वाहनों की अवैध पासिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद अब पुलिस इस पूरे खेल के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने की तैयारी में जुट गई है। हालिया कार्रवाई के बाद इस मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय ने भी सख्त रुख अपनाया है। विनय कुमार ने भागलपुर, बांका, जमुई और लखीसराय में सक्रिय एंट्री माफिया और खनन माफिया के खिलाफ सघन अभियान चलाने का निर्देश दिया है। साथ ही इनसे जुड़ी संपत्तियों की भी जांच के आदेश दिए गए हैं।

पीरपैंती में कार्रवाई, 7 गिरफ्तार

अप्रैल 2026 की रात पीरपैंती के हीरानंद मोड़ के पास पुलिस ने छापेमारी कर पासिंग गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 1 लाख 30 हजार 500 रुपये नकद, एक कार, एक स्कॉर्पियो और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

तकनीकी जांच में बड़ा खुलासा

गिरफ्तारी के बाद पुलिस की तकनीकी सेल ने 50 से अधिक मोबाइल नंबरों को निगरानी में ले लिया है। बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट से कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं, जिससे पूरे नेटवर्क के विस्तार का अंदाजा लगाया जा रहा है।

रोज बदलते थे कोडवर्ड

जांच में यह भी सामने आया है कि पासिंग गिरोह अपने काम को अंजाम देने के लिए रोजाना कोडवर्ड बदलता था। “जय महाकाल” और “मां दुर्गे” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर यह सुनिश्चित किया जाता था कि केवल सेट किए गए वाहन ही बिना रोक-टोक गुजर सकें।

सफेदपोश कनेक्शन की चर्चा

इस पूरे मामले में एक सफेदपोश के शामिल होने की चर्चा भी इलाके में तेज है। हालांकि, पुलिस अब तक पर्दे के पीछे के मुख्य किरदार को सामने लाने में जुटी है।

स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि लंबे समय से सक्रिय इस गिरोह पर कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हो पाई। खासकर बबलू पासर और मधेपुरा के सिंटू पासर जैसे नामों को लेकर चर्चा है, जिन पर कार्रवाई न होने से पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

सघन अभियान की तैयारी

राजस्व हानि को देखते हुए पुलिस और खनन विभाग अब संयुक्त रूप से एंट्री माफिया के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस बार कार्रवाई केवल छोटे सदस्यों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर जोर दिया जाएगा।

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