संवाददाता, लखीसराय।
धान खरीद वर्ष 2025-26 में अनियमितता के आरोपों को लेकर लखीसराय के जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सहकारिता विभाग, बिहार की जांच में प्रथम दृष्टया गंभीर गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद यह कदम उठाया गया है।पूरा मामला जिले को निर्धारित लक्ष्य 47,235 मीट्रिक टन के अतिरिक्त मिले 8,000 मीट्रिक टन धान के आवंटन से जुड़ा है। आरोप है कि इस अतिरिक्त लक्ष्य के वितरण में विभागीय दिशा-निर्देशों और तय मानकों की अनदेखी की गई।जांच में सामने आया है कि धान का आवंटन न तो समानुपातिक था और न ही न्यायसंगत। कुछ समितियों को अत्यधिक लक्ष्य दिया गया, जबकि कई समितियां पूरी तरह वंचित रह गईं।इसके अलावा, भंडारण क्षमता और समितियों के पूर्व प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण मानकों को भी नजरअंदाज किया गया। इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।सहकारिता विभाग ने इस मामले में जिलाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा था। डीएम मिथिलेश मिश्र ने 24 मार्च 2026 को अपना जवाब सौंपा, लेकिन विभागीय समीक्षा में यह संतोषजनक नहीं पाया गया।अभिलेखीय तथ्यों से मेल नहीं खाने के कारण यह माना गया कि निर्णय प्रक्रिया में प्रशासनिक सतर्कता और निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया।
जांच में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद अब डीएम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हो चुकी है। आगे की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

