भागलपुर में हड़ताल पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: संघ के अध्यक्ष-सचिव सस्पेंड

भागलपुर

बिहार में राजस्व कर्मचारियों की लंबे समय से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भागलपुर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। जिले के राजस्व और सरकारी कामकाज को ठप करने की कोशिशों को गंभीरता से लेते हुए समाहरणालय ने राजस्व कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राहुल कुमार और जिला सचिव गुड्डु कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 11 फरवरी 2026 से जारी इस हड़ताल के कारण ठप पड़ी विकास योजनाओं और राजस्व वसूली के मद्देनजर प्रशासन ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है।आरोपों के घेरे में कर्मचारी नेताप्रशासन द्वारा जारी निलंबन आदेश में दोनों पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मुख्य रूप से मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने, मार्च के राजस्व लक्ष्य को प्रभावित करने और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों में असहयोग करने का आरोप है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं ने न केवल खुद काम का बहिष्कार किया, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी मुख्य सचिव के निर्देशों की अवहेलना करने के लिए उकसाया। इसे बिहार सरकारी सेवक आचार संहिता 1976 का खुला उल्लंघन माना गया है। विभागीय जांच का शिकंजानिलंबन के साथ ही दोनों नेताओं के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। राहुल कुमार के मामले की जांच की जिम्मेदारी कहलगांव के भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) को सौंपी गई है, वहीं गुड्डु कुमार की जांच नवगछिया के DCLR करेंगे। पूरी प्रक्रिया की सीधी निगरानी अपर समाहर्ता (ADM) भागलपुर करेंगे। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो सेवा से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जा सकती है।16 अंचलों में खलबली, 100 कर्मियों से शो-कॉजइस कार्रवाई का असर जिले के सभी 16 अंचलों में देखने को मिल रहा है। हड़ताल में शामिल करीब 100 राजस्व कर्मचारियों को चिन्हित कर उनसे स्पष्टीकरण (Show-Cause) मांगा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर इन कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगाने के साथ-साथ उन्हें भी निलंबित किया जा सकता है। हड़ताल के चलते जिले में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), आय-जाति प्रमाण पत्र और जमीन से जुड़े अन्य आवश्यक कार्य पूरी तरह प्रभावित हैं, जिससे आम जनता को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। टकराव या समाधान?प्रशासन की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद कर्मचारी संगठनों के बीच हड़कंप मच गया है। जहाँ कुछ कर्मचारी बैकफुट पर आते दिख रहे हैं, वहीं संघ के कुछ गुट इस कार्रवाई को ‘दमनकारी’ बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रशासन की यह सख्ती हड़ताल को खत्म कराएगी या भागलपुर में सरकार और कर्मचारियों के बीच का यह टकराव और अधिक विस्फोटक रूप लेगा। फिलहाल, समाहरणालय परिसर में भारी गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।

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