भागलपुर न्यूज़ नेटवर्क | पटना।
राजधानी पटना में अपराधियों ने पुलिस और तकनीक दोनों को चुनौती देते हुए एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। खाकी जैसी वर्दी पहनकर ‘कस्टम अधिकारी’ बने बदमाशों ने गुजरात के एक सोना कारोबारी के कर्मचारी से करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य के 15 किलो सोने के गहनों की लूट कर ली। घटना शनिवार को खगौल लख के पास हुई, जब राजकोट के कारोबारी सुनील भाई के कर्मचारी महेश मामतोरा और प्रिंस रामपरिया दानापुर स्टेशन से ऑटो से बाकरगंज की ओर जा रहे थे। तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने चेकिंग के नाम पर ऑटो रुकवाया और महेश को जबरन अपनी कार में बैठा लिया।बताया जा रहा है कि बदमाशों ने करीब पांच दिनों तक कर्मचारियों की रेकी की थी। कार में बैठाते ही एक अपराधी ने फोन पर अपने ‘आका’ को सूचना दी—“काम हो गया, बंदा हमारे कब्जे में है।” इससे स्पष्ट होता है कि इस वारदात में किसी ‘लाइनर’ की अहम भूमिका रही है, जो लगातार लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी दे रहा था।लुटेरों को बैग में लगे जीपीएस डिवाइस की भी सटीक जानकारी थी। गहने मिलते ही उन्होंने बैग की सिलाई फाड़कर सबसे पहले जीपीएस निकालकर फेंक दिया, ताकि पुलिस उनकी लोकेशन ट्रैक न कर सके। इसके बाद वे महेश को नौबतपुर ले गए, जहां उसके हाथ-पांव बांधकर छोड़ दिया और फरार हो गए।पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस बलेनो कार का इस्तेमाल अपहरण में हुआ, वह दिल्ली से चोरी की गई थी और उस पर पूर्णिया की फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। अपराधियों ने पूरी योजना के तहत वाहन और पहचान दोनों को छिपाने की कोशिश की थी।वारदात में शामिल बदमाश सफेद शर्ट और खाकी पैंट में थे, जो कस्टम अधिकारियों की ड्रेस जैसी लगती है। उनकी बातचीत और व्यवहार इतना पेशेवर था कि पीड़ित बिना विरोध के उनके साथ चला गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए दानापुर एसडीपीओ-1 शिवम धाकड़ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें एसटीएफ और विशेष टीम को भी शामिल किया गया है। पुलिस की जांच की सुई कुख्यात सोना लुटेरा सुबोध सिंह गिरोह की ओर भी घूम रही है, क्योंकि वारदात का तरीका उससे मिलता-जुलता बताया जा रहा है।

