भागलपुर, संवाददाता।
अखिल भारतीय साहित्यकार परिषद् की ओर से भागलपुर के आनन्द मार्ग कॉलोनी, अलीगंज स्थित श्री हरि निवास में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कविरत्न महेन्द्र प्रसाद “निशाकर” ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त स्टेशन मास्टर सुनील कुमार पटेल उपस्थित रहे।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में संगीत प्राचार्य कपिल देव कृपाला एवं सच्चिदानंद किरण मौजूद रहे। गोष्ठी का संचालन डॉ. नवीन निकुंज ने किया।काव्य गोष्ठी की शुरुआत माँ सरस्वती की वाणी अर्चना से हुई, जिसके बाद कवियों ने वसंत ऋतु की मनोहारी छटा और सामाजिक सरोकारों को अपनी रचनाओं में प्रस्तुत किया।सुनील कुमार पटेल ने वसंत के आगमन को अपनी कविता में व्यक्त करते हुए कहा—“खुशियाँ छैयलै दिग-दिगन्त, अयलै वसन्त छैयलै वसन्त…”सच्चिदानंद किरण ने जीवन के भाव को व्यक्त करते हुए कहा—“जिंदादिली ही जिंदगी है, मन मंदिर में प्रीत की रीत है।”कपिल देव कृपाला ने वसंत की मादकता को अपनी रचना में उकेरा, वहीं कामता प्रसाद ने समाज में बदलते मानवीय व्यवहार और नैतिक मूल्यों पर चिंता व्यक्त की।डॉ. नवीन निकुंज ने जीवन की दार्शनिकता पर प्रकाश डालते हुए अपनी कविता प्रस्तुत की, जबकि अध्यक्ष महेन्द्र प्रसाद “निशाकर” ने अपनी ओजस्वी रचना के माध्यम से “विश्वगुरु फेनू बनतै भारत” का संदेश दिया।गोष्ठी के अंत में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्र, संस्कृति और जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन अगले माह पुनः आयोजन के संकल्प के साथ किया गया।

