भागलपुर न्यूज़ नेटवर्क । पटना ।
बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने की तैयारी है। राज्य में करीब 19 वर्षों के बाद बिजली सप्लाई कोड में बदलाव किया जा रहा है। प्रस्तावित बिहार इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड 2026 के तहत अब उपभोक्ताओं को समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी और लापरवाही पर बिजली विभाग के अधिकारियों को जुर्माना देना होगा।नए नियमों के अनुसार, आवेदन पूरा होने के बाद पटना जैसे महानगरों में 3 दिन, जिला मुख्यालय में 7 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 दिन के भीतर नया बिजली कनेक्शन देना अनिवार्य होगा। निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने पर संबंधित इंजीनियर पर प्रतिदिन 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।इसके अलावा, खराब या जले हुए मीटर को बदलने के लिए भी समय सीमा तय कर दी गई है। शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 72 घंटे के भीतर मीटर बदलना होगा। इससे उपभोक्ताओं को सही रीडिंग के आधार पर बिल मिलने में मदद मिलेगी।नए कोड के तहत बिना रीडिंग वाले औसत (प्रोविजनल) बिल को उपभोक्ता अस्वीकार कर सकते हैं। बिजली कंपनियों को दो बिलिंग साइकिल से अधिक समय तक बिना वास्तविक रीडिंग के बिल भेजने की अनुमति नहीं होगी।उपभोक्ताओं को यह अधिकार भी मिलेगा कि वे निर्धारित शुल्क जमा कर अपने घर के सामने लगे ट्रांसफॉर्मर को स्थानांतरित करा सकें। इसके लिए बिजली कंपनी को 30 दिनों के भीतर कार्रवाई करनी होगी।तकनीकी सुधारों के तहत अब स्मार्ट प्री-पेड मीटर के साथ ही नए कनेक्शन जारी किए जाएंगे। साथ ही टोल-फ्री कॉल सेंटर और ऑनलाइन सेवाओं को भी मजबूत किया जाएगा, जिससे उपभोक्ता घर बैठे ही सेवाओं का लाभ उठा सकें।विशेषज्ञों का मानना है कि 19 साल पुराने नियम अब अप्रासंगिक हो चुके थे और नए सप्लाई कोड से बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

