भागलपुर, संवाददाता।
भागलपुर के स्थानीय गोशाला परिसर में साहित्यिक संस्था बगुला मंच का वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें साहित्य की समृद्धि और सांस्कृतिक अस्मिता को बनाए रखने पर जोर दिया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन लब्धप्रतिष्ठ शिक्षाविद् राजीव कांत मिश्र ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अंग जनपद का साहित्य शुरू से ही समृद्ध रहा है और इसकी अस्मिता को बनाए रखना साहित्यकारों का दायित्व है। उन्होंने युवाओं को साहित्य और संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित बिहार अंगिका अकादमी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लखन लाल सिंह आरोही ने मंच संस्थापक व्यंग्यकार स्व. रामावतार राही के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं आज भी समाज को सोचने पर मजबूर करती हैं।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रेमचंद पांडेय ने की। उन्होंने कहा कि साहित्य सेवा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक गंभीर साधना है और आज के साहित्यकारों को रामावतार राही के आदर्शों को आगे बढ़ाना चाहिए।इस अवसर पर सुल्तानगंज के चर्चित कवि सुधीर कुमार प्रोग्रामर को उनके साहित्यिक योगदान के लिए “पं. जनार्दन प्रसाद झा द्विज स्मृति साहित्य सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत लोकगायक संजीव कुमार झा की सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद गीत, गजल और कविताओं की प्रस्तुति ने माहौल को साहित्यिक रंग में रंग दिया।गीतकार राजकुमार, गजलकार प्रसून ठाकुर, पत्रकार संजय कुमार, त्रिलोकी नाथ दिवाकर और दयानंद जायसवाल समेत कई साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।कार्यक्रम का संचालन मंच सचिव धीरज पंडित ने किया, जबकि संयोजक महेश मणि ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर शहर के अनेक साहित्यकार, कवि एवं श्रोता उपस्थित रहे।


